नमस्कार आपका एक फिर से स्वागत हैं hindideep.com के एक नए और रोचक पोस्ट में जिसमे आप यह जानेंगे की गंगा का पानी पवित्र क्यों माना जाता है या वर्षों तक गंगा नदी का पानी खराब क्यों नहीं होता हैं। 

आप जानते ही होंगे की हिन्दू धर्म में गंगा नदी को माँ का दर्जा दिया जाता हैं। गंगा नदी के पानी को हिन्दू धर्म में बहुत ही ज्यादा पवित्र माना जाता हैं। लगभग सभी धार्मिक पर्व-त्यौहार में इसका प्रयोग किया जाता हैं। 


सभी पर्व-त्योहारों और धार्मिक कार्यो में इसका उपयोग को देखकर आपके मन में कभी न कभी यह सवाल जरूर आता होगा की आखिकार इस गंगा नदी के पानी में ऐसा क्या पाया जाता हैं की जिससे यह नदी और सभी बाकी नदीयो से अलग हैं। 


आपको गंगा नदी से जुड़ी इन सभी सवालों का जवाब इस आर्टिकल में मिल जायेगा। अगर आप यह भी जानना चाहते हैं की आखिरकार गंगा नदी का पानी सालो-साल तक ख़राब या सड़ता क्यों नहीं हैं तो इस आर्टिकल को जरूर पूरा पढ़िए। 



गंगा का पानी पवित्र क्यों माना जाता है। 

ganga ka pani

गंगा जी की महत्ता का वर्णन स्कंदपुराण में कहा गया हैं जिसमे बताया गया है की जिस प्रकार आग का स्पर्श करने पर बिना हमारे इच्छा के भी आग हमे जला देती है या हमें नुकसान पहुंचा देती है। ठीक उसी प्रकार गंगा के जल में स्नान करने पर बिना हमारे इच्छा किये हुए भी गंगाजी हमारे सभी पापों को धो देती हैं। 

महाभारत में भी बताया गया हैं की गंगाजी का नाम मात्र लेने पर ही गंगाजी पापी प्राणी को पापमुक्त कर देती हैं। गंगाजी के दर्शन से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और गंगा जल में स्नान करने या गंगाजल ग्रहण करने से सात पीढ़ियों का उद्धार हो जाता हैं। 

अभी तक तो हमने गंगा जल का पवित्र होने का प्रमाण धार्मिक ग्रंधो की मदद से जाना लेकिन वैज्ञानिक रूप से भी देखा जाये तो गंगा नदी का जल बहुत दिनों तक ख़राब नहीं होता हैं और ना ही इसमें कीड़े उत्पन होते हैं तो अब हम यह जानते हैं की गंगा नदी के जल में क्या-क्या पाया जाता हैं जिससे की यह बहुत दिनों तक नहीं सड़ता हैं। 

गंगा नदी का पानी खराब क्यों नहीं होता है। 

विभिन्न धर्म ग्रंधो में गंगाजी की पवित्रता और महत्ता को स्वीकार किया ही गया हैं। इसके साथ ही गंगा जल पर कई रिसर्च किये गए हैं जिनमे पाया गया है की गंगाजल को वर्षो तक रखने पर भी यह खराब नहीं होता है और ना ही इसमें कोई दुर्गन्ध उठती हैं। आखिर इसका कारण क्या हैं - 

गंगा जल में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक लवण जैसे - कैल्सियम, पोटैशियम, सोडियम आदि पाए जाते हैं। इनके अलावा गंगा जल में 45% क्लोरीन भी होता है। यही जल में कीटाणुओं को पनपने से रोकता हैं जिससे की गंगा जल बहुत दिनों तक ख़राब या सड़ता नहीं हैं। 

शुद्ध गंगा जल में अम्लीयता और क्षारीयता लगभग एक समान ही होता है अर्थात यह उदासीन होता हैं। 

Final Thoughts -

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तो आज के इस आर्टिकल में हमने जाना की आख़िरकार गंगा का पानी पवित्र क्यों माना जाता है और गंगा नदी का जल खराब क्यों नहीं होता हैं। 

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